9 हिंदी

स्मृति

श्रीराम शर्मा

NCERT Solution

प्रश्न 1: भाई के बुलाने पर घर लौटते समय लेखक के मन में किस बात का डर था?

उत्तर: भाई के बुलाने पर घर लौटते समय लेखक के मन में भाई के हाथ से पिटाई खाने का डर था। लेखक को लग रहा था कि बड़े भाई को बेर तोड़ने वाली बात पता चल गई होगी और इसलिए वे उसे पीटने के लिए बुला रहे होंगे। पिटाई के खयाल से ही लेखक का दिल दहल उठा था।


प्रश्न 2: मक्खनपुर पढ़ने जाने वाली बच्चों की टोली रास्ते में पड़ने वाले कुएँ में ढ़ेला क्यों फेंकती थी?

उत्तर: मक्खनपुर पढ़ने जाने वाली बच्चों की टोली रास्ते में पड़ने वाले कुएँ में ढ़ेला जरूर फेंकती थी। वे बच्चे ऐसा इसलिए करते थे कि उन्हें ढ़ेला फेंके जाने पर आने वाली आवाज को सुनकर बड़ा मजा आता था। उस कुएँ के अंदर एक साँप गिर गया था। ढ़ेला फेंकने पर उस साँप की फुफकार सुनाई देती थी, जिसे सुनकर सभी बच्चे जोर जोर से हँसने लगते थे।

प्रश्न 3: ‘साँप ने फुसकार मारी या नहीं, ढ़ेला उसे लगा या नहीं, यह बात अब तक स्मरण नहीं’ – यह कथन लेखक कि किस मनोदशा को स्पष्ट करता है?

उत्तर: जब लेखक ने ढ़ेला फेंकने के पहले अपनी टोपी उतारी तो चिट्ठियाँ कुएँ में जा गिरीं। उसके बाद तो लेखक का सारा ध्यान उन चिट्ठियों पर चला गया। उस समय वे चिट्ठियाँ उसे ढ़ेले, या कुएँ या साँप से अधिक महत्वपूर्ण थीं। लेखक का डर के मारे बुरा हाल था क्योंकि जिस काम के लिए वह निकला था उसी में विघ्न आ गया था।

प्रश्न 4: किन कारणों से लेखक ने चिट्ठियों को कुएँ से निकालने का निर्णय लिया?

उत्तर: लेखक को उसके बड़े भाई ने चिट्ठी गिराने का काम सौंपा था। लेखक चाहता तो चिट्ठियों को वहीं छोड़ देता और घर जाकर झूठ बोल देता। लेकिन लेखक ने तब तक झूठ बोलना नहीं सिखा था और उसकी उम्र के किसी भी निश्छल बालक की तरह था। वह हर कीमत पर अपनी जिम्मेदारी पूरी करना चाहता था। इसलिए लेखक ने चिट्ठियों को कुएँ से निकालने का निर्णय लिया।

प्रश्न 5: साँप का ध्यान बँटाने के लिए लेखक ने क्या-क्या युक्तियाँ अपनाई?

उत्तर: साँप का ध्यान बँटाने के लिए लेखक ने कई युक्तियाँ अपनाई। पहले उसने थोड़ी मिट्टी लेकर साँप की ओर फेंक दिया। उसके बाद उसने डंडे से साँप का ध्यान बँटाया। इससे लेखक को कुछ सफलता जरूर मिली।



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