टोपी शुक्ला

इफ्फन टोपी शुक्ला की कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा किस तरह से है?

उत्तर: इफ्फन और उसकी दादी से दोस्ती के बाद टोपी शुक्ला के जीवन में कुछ खुशियाँ आईं। उसे थोड़ा सा प्यार मिला जिसकी उसके घर में भारी कमी थी। इसके अलावा इफ्फन से उसकी दोस्ती के जरिए लेखक उस जमाने में धर्म के बारे में प्रचलित धारणाओं के बारे में अच्छी तरह चित्रण कर पाया है। इसलिए इफ्फन इस कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इफ्फन की दादी अपने पीहर क्यों जाना चाहती थीं?

उत्तर: अपने ससुराल में इफ्फन की दादी को वह स्वतंत्रता नहीं मिल पाई जिसका आनंद उन्हें अपने मायके में मिला था। उसके ससुराल में बड़ा ही औपचारिक माहौल हुआ करता था। इसलिए इफ्फन की दादी हमेशा अपने ससुराल में बेचैन रहीं। जब उनका अंत समय आया तो उन्हें अपने मायके की बहुत याद आती थी और इसलिए वह अपने पीहर जाना चाहती थी।

इफ्फन की दादी अपने बेटे की शादी में गाने-बजाने की इच्छा पूरी क्यों नहीं कर पाई?

उत्तर: इफ्फन के दादा पक्के मौलवी थे इसलिए उन्होंने इफ्फन की दादी को गाने-बजाने से सख्त मना कर दिया था। इसलिए इफ्फन की दादी अपने बेटे की शादी में गाने-बजाने की इच्छा पूरी नहीं कर पाईं।


‘अम्मी’ शब्द पर टोपी के घरवालों की क्या प्रतिक्रिया हुई?

उत्तर: ‘अम्मी’ शब्द सुनकर टोपी के घरवाले बहुत नाराज हुए थे। उन्हें यह समझ आ गया था कि टोपी ने किसी मुसलमान से दोस्ती कर ली है। उन्होंने इस बात पर टोपी को बुरा भला कहा और उसकी जमकर पिटाई की।

दस अक्तूबर सन पैंतालीस का दिन टोपी के जीवन में क्या महत्व रखता है?

उत्तर: उस दिन इफ्फन के पिता का तबादला हो गया था। इसलिए उस दिन इफ्फन और टोपी हमेशा के लिए एक दूसरे से बिछड़ गए। उस दिन टोपी और इफ्फन ने कसम खाई थी कि अब कभी ऐसे लड़के से दोस्ती नहीं करेंगे जिसके पिता का तबादला होता हो।

टोपी ने इफ्फन से दादी बदलने की बात क्यों कही?

उत्तर: टोपी को अपनी दादी जरा भी अच्छी नहीं लगती थी। उसे तो इफ्फन की दादी से भरपूर प्यार मिलता था। इसलिए टोपी ने इफ्फन से दादी बदलने की बात कही।


पूरे घर में इफ्फन को अपनी दादी से ही विशेष स्नेह क्यों था?

उत्तर: पूरे घर में इफ्फन की दादी को छोड़कर हर व्यक्ति बहुत ही औपचारिक किस्म का था। उन्हें किसी बच्चे को बहलाना नहीं आता था। हर व्यक्ति किसी न किसी तरीके से इफ्फन का दिल दुखाया करता था; एक दादी को छोड़कर। दादी उसे ढ़ेर सारी कहानियाँ सुनाया करती थीं। इसलिए इफ्फन को अपनी दादी से ही विशेष स्नेह था।

इफ्फन की दादी के देहांत के बाद टोपी को उसका घर खाली-सा क्यों लगा?

उत्तर: टोपी जब भी इफ्फन के घर जाता था तो केवल दादी से मिलने। अन्य लोगों से उसे कोई मतलब नहीं था। दादी के देहांत के बाद अब उस घर में टोपी के लिए सभी लोग अनजान थे। इसलिए इफ्फन की दादी के देहांत के बाद टोपी को उसका घर खाली लगने लगा।

टोपी और इफ्फन की दादी अलग-अलग मजहब और जाति के थे पर एक अनजान अटूट रिश्ते से बँधे थे। इस कथन के आलोक में अपने विचार लिखिए।

उत्तर: उस घर में दादी अन्य लोगों से बिलकुल अलग थीं। इसलिए दादी की बातों को कोई समझ नहीं पाता था। उधर टोपी के घर में टोपी एक उपेक्षित प्राणि था। दोनों ने एक दूसरे की मन की बात समझी और आपस में स्नेह बाँटा। इसलिए दोनों के बीच एक अनजान और अटूट रिश्ता बन गया।


टोपी नवीं कक्षा में दो बार फेल हो गया। बताइए:

  1. जहीन होने के बावजूर भी कक्षा में दो बार फेल होने के क्या कारण थे?

    उत्तर: टोपी को उसके घर में कोई पढ़ने ही नहीं देता था। उससे घर में जो बड़े थे वे हमेशा उसे कोई न कोई काम अढ़ा देते थे। उससे जो छोटा था उसकी किताबें फाड़कर हवाई जहाज बना दिया करता था। इसलिए वह एक साल फेल हो गया। फिर दूसरे साल उसे टायफाइड हो गया जिसके कारण वह फेल हो गया।
  2. एक ही कक्षा में दो-दो बार बैठने से टोपी को किन भावनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ा?

    उत्तर: फेल होने के कारण उसे उन बच्चों के साथ बैठना पड़ता था जो कभी उससे जूनियर हुआ करते थे। वह उनसे दोस्ती नहीं कर पाया और अपने आप को अकेला महसूस करता था। उसके नए सहपाठी और शिक्षक बात बात पर उसे ताना देते थे। शिक्षक उसे नजरअंदाज भी करते थे। इससे टोपी के स्वाभिमान को ठेस पहुँचती थी।
  3. टोपी की भावनात्मक परेशानियों को मद्देनजर रखते हुए शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलाव सुझाइए?

    उत्तर: शिक्षा व्यवस्था में कई सुझाव की जरूरत है जिससे ऐसे बच्चों को आगे बढ़ने में मदद मिले जो पढ़ाई में कमजोर होते हैं। शिक्षकों को चाहिए कि ऐसे छात्रों का विशेष ध्यान रखें। किसी भी शिक्षक को किसी छात्र का मखौल उड़ाकर उसका हौसला नहीं तोड़ना चाहिए।

इफ्फन की दादी के मायके का घर कस्टोडियन में क्यों चला गया?

उत्तर: भारत के विभाजन के बाद ऐसी कई समस्याएँ आई थीं जब किसी जमीन का मालिकाना हक जताने वाला कोई नहीं था। ऐसी जमीन को कस्टोडियन में ले लिया जाता था। इफ्फन की दादी के मायके वाले विभाजन के समय पाकिस्तान चले गए थे इसलिए इफ्फन की दादी के मायके का घर कस्टोडियन में चला गया।



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