खिलौनेवाला
यह कविता सुभद्राकुमारी चौहान ने लिखी है।
मुहल्ले में एक खिलौनेवाला तरह तरह के खिलौने बेचने आता है। बच्चे तरह तरह के खिलौने लेना चाहते हैं, जैसे रेलगाड़ी, मोटरकार, किचेन सेट, गुड़िया, आदि। लेकिन एक बच्चा तीर धनुष लेना चाहता है। वह तीर धनुष से ताड़का और मारीच जैसे दुष्टों का नाश करना चाहता है। वह चाहता है भले लोगों को कोई तकलीफ न हो। उसके मन में राम जैसा आदर्श पुरुष बनने की इच्छा है। वह अपनी माँ की आज्ञा पर वन जाने को भी तैयार है। लेकिन उसे यह डर भी लगता है कि वन में माँ के न रहने पर उसे लोरी सुनाने कौन आएगा या फिर उसे मनाने कौन आएगा।
कविता और तुम
प्रश्न 1: तुम्हें किसी न किसी बात पर रूठने के मौके तो मिलते ही होंगे
(a) अक्सर तुम किस तरह की बातों पर रूठते हो?
उत्तर: जब मुझे लौकी या करेले की सब्जी खाने को मिलती है तो मैं रूठ जाता हूँ।
(a) माँ के अलावा घर में और कौन कौन हैं जो तुम्हें मनाते हैं?
उत्तर: मेरी दादी
प्रश्न 2: हम ऐसे कई त्योहार मनाते हैं जो बुराई पर अच्छाई की जीत पर बल देते हैं। ऐसे त्योहारों के बारे में और उनसे जुड़ी कहानियों के बारे में पता करके कक्षा में सुनाओ।
उत्तर: दशहरा एक ऐसा त्योहार है जिसमें बुराई पर अच्छाई की जीत पर बल दिया जाता है। इसी दिन भगवान राम ने रावन का वध किया था। उसकी याद मे लोग जगह जगह रावण के पुतले का दहन करते हैं और धूमधाम से दशहरा मनाते हैं।
प्रश्न 3: तुमने रामलीला के जरिए या फिर किसी कहानी के जरिए रामचंद्र के बारे में जाना समझा होगा। तुम्हें उनकी कौन सी बातें अच्छी लगीं?
उत्तर: मुझे राम की वीरता और उनका धीरज अच्छा लगता है।
प्रश्न 4: नीचे दिए गए भाव कविता की जिन पंक्तियों में आए हैं, उन्हें छाँटो
(a) खिलौनेवाला साड़ी नहीं बेचता है।
उत्तर: कभी खिलौनेवाला भी माँ
क्या साड़ी ले आता है।
साड़ी तो वह कपड़े वाला
कभी कभी दे जाता है।
(b) खिलौनेवाला बच्चों को खिलौने लेने के लिए आवाजें लगा रहा है।
उत्तर: नए खिलौने ले लो भैया
जोर जोर वह रहा पुकार।
(c) मुझे कौन सा खिलौना लेना चाहिए उसमें माँ की सलाह चाहिए।
उत्तर: अम्मा तुमने तो लाकर के
मुझे दे दिए पैसे चार
कौन खिलौना लेता हूँ मैं
तुम भी मन में करो विचार।
(d) माँ के बिना कौन मनाएगा और कौन गोद में बिठाएगा।
उत्तर: किससे लूँगा पैसे, रूठूँगा
तो कौन मना लेगा
कौन प्यार से बिठा गोद में
मनचाही चीजें देगा।
प्रश्न 5: “मूँगफली ले लो मूँगफली
गरम करारी टाइम पास मूँगफली"
तुमने फेरीवालों को ऐसी आवाजें लगाते जरूर सुना होगा। तुम्हारे गली मोहल्ले में ऐसे कौन से फेरीवाले आते हैं और वे किस ढ़ंग से आवाज लगाते हैं? उनका अभिनय करके दिखाओ। वे क्या बोलते हैं, उसका भी एक संग्रह तैयार करो।
उत्तर: स्वयं करो
खेल खिलौने
प्रश्न 1: तुम यहाँ लिखे खिलौनों में से किसे लेना पसंद करोगे? क्यों?
गेंद, हवाई जहाज, मोटरगाड़ी, फिरकी, गुड़िया, बर्तन सेट, धनुष बाण, बल्ला या कुछ और
उत्तर: मैं गेंद लेना पसंद करूँगा क्योंकि एक ही गेंद से कई तरह के खेल खेले जा सकते हैं।
प्रश्न 2: तुम अपने साथियों के साथ कौन कौन से खेल खेलते हो?
उत्तर: फुटबॉल, बैडमिंटन, कबड्डी, खोखो
कविता में कथा
इस कविता में तीन नाम – राम, कौशल्या और ताड़का आए हैं।
प्रश्न 1: ये तीनों नाम किस प्रसिद्ध कथा के पात्र हैं?
उत्तर: रामायण
प्रश्न 2: यहीं रहूँगा कौशल्या मैं तुमको यहीं बनाउँगा। इन पंक्तियों का कथा से क्या संबंध है?
उत्तर: राम की माता का नाम कौशल्या था। कौशल्या प्रेम और करुणा की मिसाल थीं।
प्रश्न 3: इस कथा के कुछ संदर्भों की बात कविता में हुई है। अपने आस पास पूछकर इनका पता लगाओ।
(a) तपसी यज्ञ करेंगे, असुरों को मैं मार भगाउँगा।
उत्तर: एक बार महर्षि विश्वामित्र राजा दशरथ के दरबार में आए। विश्वामित्र के आश्रम में राक्षसों का बहुत आतंक था। विश्वामित्र अपने साथ राम को ले जाना चाहते थे। वे चाहते थे कि राम उनके आश्रम में जाकर राक्षसों का संहार करें।
बहुत मान मनौव्वल के बाद दशरथ ने राम को विश्वामित्र के साथ भेज दिया। आश्रम में पहुँचकर राम ने ताड़का और कई अन्य राक्षसों का संहार किया। उसके बाद आश्रम के साधु संतों की तपस्या में कोई खलल नहीं पड़ा।
(b) तुम कह दोगी वन जाने को हँसते हँसते जाऊँगा।
उत्तर: जब राम राजा बनने वाले थे तो उससे कैकेयी नाराज हो गई। कैकेयी राजा दशरथ की पत्नी थीं। एक वचन के अनुसार, दशरथ ने भरत को राजा बनाने और राम को वन भेजने की बात मान ली। उसके बाद राम ने हँसते हँसते अपने पिता की आज्ञा का पालन किया और वन के लिए चल पड़े।
ईदगाह
यह कहानी प्रेमचंद ने लिखी है।
ईद का त्योहार आया है। सभी बच्चे मेला घूमने गए हैं। हर बच्चा अपनी पसंद का खिलौना खरीदता है। लेकिन हामिद नाम का एक बच्चा कोई खिलौना ना खरीदकर एक चिमटा खरीदता है। बाकी बच्चे उसका मजाक उड़ाते हैं। हर बच्चा अपने खिलौने को सबसे बेहतर साबित करने पर तुला हुआ है। लेकिन हामिद के तर्कों के आगे किसी की एक न चलती है।
आखिर में हामिद चिमटा खरीदने की असली वजह बताता है। वह अपनी दादी के लिए चिमटा खरीदता है। रोटियाँ सेंकते समय उसकी दादी के हाथ जल जाते हैं। जब दादी चिमटे से पकड़कर रोटियाँ सेंकेंगी तो उनका हाथ नहीं जलेगा। बदले में दादी उसे दुआएँ देंगी।